Hindi Shayri by alpprashant : 111318933

आयें हो तुम, आज फ़िर से मुद्दतो बाद
जी भर के देख लेने दो, फ़िर करेंगें वाद

©"अल्प" प्रशांत
Prashant Panchal
२९.१२.२०१९ read more