Free Hindi Poem Quotes by Dr Mrs Lalit Kishori Sharma | 111752384

प्रेम

तुमको प्यार किया क्यों? इतना
स्वयं नहीं यह जाना।
जलती रही अग्नि -सी खुद मैं,
तुमको ना पहचाना ।

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