Hindi Shayri by मनिष कुमार मित्र"

जहां में ऐसा कौन है जिसको गम नहीं मिलते,
अरे मिलते हैं ज्यादा तो किसी को कम नहीं मिलते,
बाग बाकी शरारतें चमन को खा

read more
मनिष कुमार मित्र" 1 month ago

आपका तहेदिल से शुक्रिया हार्दिक धन्यवाद 🙏

मनिष कुमार मित्र" 1 month ago

हार्दिक धन्यवाद 🙏

shekhar kharadi Idriya 1 month ago

वाह.. शानदार, बेमिसाल

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories