Hindi Poem by TheUntoldKafiiya

वैसे तो कईं आंधी-तूफ़ां आये मग़र हम टूट-बिख़र कर भी फ़िर ख़ड़े हों गये..,
ज़िंदगी ने भी क़्या ख़ूब तज़ुर्बे सिखाये कि उम्र-ए-बचप

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TheUntoldKafiiya 1 month ago

शुक्रिया🌺🍷

TheUntoldKafiiya 1 month ago

Thank you 🌺🤘🏻🍷

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