Hindi Thought by S Sinha

सब कुछ बिकता है यहाँ
दौलत जैसी ताकत और कहाँ
इंसान और ईमान दोनों बिकते हैं यहाँ
इसके आगे अस्मत का अब मोल कहाँ read more

S Sinha 1 month ago

Thanks Parulji

S Sinha 1 month ago

Thanks Shekharji

shekhar kharadi Idriya 1 month ago

वास्तविकता का चित्रण....