Hindi Shayri by Sarita Sharma : 111599601

मेरी बेबसी है तुम्हें मुझसे यूँ दूर जाते हुए देखना..
रिस्ते जो टूट चुके हों वो फिर कहां जुड़ते हैं, मेरे यार चाहने से

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Sooraj Lavaniya 3 month ago

ख्बाहिश-ए-रिश्ते टूट जाते हैं अक्सर.. इश्क़ में पाकीज़गी जरूरी हैं इकबाल!! ❤️

Sarita Sharma 3 month ago

धन्यवाद..

Santosh Doneria 3 month ago

सही बात 👌👌👌

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