Hindi Shayri by Dinkal

डूबे हुए को बिठाया था कभी हमने अपनी कश्ती में,
और कुछ समय बाद हमे ही कश्ती का बोझ कहकर उतार दिया गया...💝

shekhar kharadi Idriya 7 month ago

क्या बात है बोहोत खूब..👌👌

Marshall 8 month ago

Kya sher kahaa... Waah 👌 👌

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories