Hindi Poem by Rathod Ranjan : 111383481

रात ही की बात है-
चांद हिल रहा था आसमान पर
पेंच ढीला था कोई
डर था गिर पड़े न आसमान से
कुर्सी खींचकर वहां से हट

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Jay _fire_feelings_ 7 month ago

આ,, હા,,,,ગુલઝાર ને,,, 😂😂👌👌👌

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