Hindi Poem by Pranjali Awasthi : 111303133

जमीं ने फ़लक को जिस जगह चूमा था
मेरे मन के मरूस्थल पर
वो जगह
हृदय की गहरी तलहटी में है
हर रात नींद में स्वप्

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Devesh Sony 1 year ago

Mind-blowing... 👌

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