Hindi Poem by Pranjali Awasthi : 111275615

आधा इश्क औ' आधा फ़साना
इक तरफ़ मैं इक तरफ़ ज़माना

तू मुझे हासिल , हुआ है ऐसे
शराबी को जैसे दिखे मयखाना

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Devesh Sony 1 year ago

वाहह.. बहोत खूब ...?

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