Short Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    घर कब आओगे
    by नवीन एकाकी

    सांसे टूट रही थी, धड़कन भी धीरे धीरे रुकने लगी थी। पूरे शरीर लहूलुहान था। दुश्मन की गोलियों ने उसके शरीर को छलनी कर दिया था। वो ज़मीन में ...

    व्हील-चेअर
    by Geeta Kaushik Rattan

    "गौरी, मेरी गाड़ी सर्विस के लिए गई हुई है और आज ही मेरा डाक्टर का अपॉइंटमेंट भी है। प्लीज, तुम मेरे साथ चली चलो।" फ़ोन पर गौरी का हाल-ख़बर ...

    बचपन
    by राज कुमार कांदु

    वो शब्द जिसका बहुत ही बढ़िया विश्लेषण एक लोकप्रिय फ़िल्मी गीत में किया गया है । गीत के बोल हैं…' बचपन हर गम से बेगाना होता है …होता है ...

    ताश का आशियाना - भाग 2
    by R.J. Artan

    मन एक दूसरे से मिल चुकी थे, मन की गंदगी एक आलिगंन के साथ ही धुल गई थी।इस पल का सिद्धार्थ को कब से इंतजार था। चित्रा ने भी ...

    नागिन - का इंतकाम
    by Appa Jaunjat

    काहाणी शुरु करते हे हम ऐसी काहाणी लेकर आए हे जो आपने कभी भी नहीं सोनी होगी ‌‌‌तो काहाणी शुरु करते हे एक मंदिर के पास एक लडकी आती ...

    श्री गाली कथा
    by Amulya Sharma

    "श्री गाली कथा " कभी कभी मै इस सोच में पड़ जाता हूँ की आखिरकार गालियों का उद्भव कब और कहाँ हुआ होगा ?कौन होगा वह वयक्ति , जिसने ...

    छोटा आदमी या छोटी सोच
    by Aditi Jain

    जून की गर्मी में, लगभग डेढ़ घंटे से चिलचलाती धूप में, धूल से अटी उस सड़क पर पसीने से भीगी खड़ी मैं शहर को जाने वाली बस का इंतज़ार ...

    दिलसे प्यार तक - भाग-२
    by Appa Jaunjat

     काहाणी शुरु करते हे हमणे पिछले अध्याय मैं देखा कि मानसी पोलिस बन जाती है तब शुभम बोलता हे मानसी तुमणे तुम्हारी मा का सपना पुरा कर दिया लेकिन ...

    प्यार है वो जिंदगी नहीं
    by Mitu Gojiya

    प्यार है  वो जिंदगी नहीं हा बिलकुल सही पढ़ा आपने आज कल प्यार सबको होता है किसी को एक तरफा तो किसी को दोनों तरफा मिल जाता है आपने ...

    तीन बत्ती चार रास्ता
    by S Sinha

                                                            कहानी -   तीन बत्ती चार रास्ता                                               कमला ने अपने पति से पूछा “ ये सुखिया दो दिन से काम पर नहीं आ ...

    प्यार का नशा
    by किशनलाल शर्मा

    प्यार का नशा--------------//////------रमा अमीर बाप की बेटी थी।रमेश छोटा सा  सरकारी नौकर।रमा ,रमेश की सादगी और  व्यक्तित्व पर ऐसी मोहित हुई कि माँँबाप के     न   चाहने पर  भी ...

    मेरी कहानी मेरी जुबानी
    by Deepak Pradhan

    मै दीपक प्रधान मेरा जन्म 1जुलाई1993 में मध्यप्रदेश के धार जिले के धामनोद शहर में हुआ था। मैं एक साधारण परिवार का सदस्य हूँ, हम परिवार में कुल 5 ...

    એક ટેબલની આત્મકથા
    by NIKETA SHAH

    ખૂણાંમાં મૂકી રાખ્યું છે, મને કારણ કે ઉંમરથઈ જવાને લીધે મારો વપરાશ હવે શક્ય નથી. યુવાનીમાં બહુ સાથ આપ્યો છે મે મારા ઘરના દરેક સભ્યનો. દરેકનો બોજો ઉઠાવ્યો છે મેં મારા ...

    ताश का आशियाना - भाग 1
    by R.J. Artan

    सिद्धार्थ शुक्ला 26 साल का नौजवान सरल भाषा में बताया जाए तो बेकार नौजवान। इंजीनियरिंग के बाद एमबीए करके बिजनेस खोलना चाहते हैं जनाब! बिजनेस के तो इतने आइडिया इनके पास ...

    पापा एक चमकता हुआ सितारा
    by shama parveen

    पापा जो हर एक बच्चे के सुपर हीरो होते हैं. हर बच्चा अपने पापा को सुपर हीरो मानता है. बच्चो को लगता है कि जब हमारे पास पापा होते ...

    दिलसे रिशता
    by Appa Jaunjat

    काहाणी शुरु करते हे . शिवांगी को बच्ची होती हे तब शिवांगी मर जाती हे तब उसका असली नाम राधा था तब दिपक बोलता हे राधा तब वो भी ...

    तिकड़मबाज बहु
    by Saroj Prajapati

    संडे का दिन था। लंच करते ही प्रिया ने फटाफट डाइनिंग टेबल समेटा और अंदर से लूडो उठा लाई।"अरे, यह क्या बहु , लूडो !  कौन खेलेगा इसे !" ...

    दिलसे प्यार तक
    by Appa Jaunjat

    ये काहाणी एक प्यार से जुडी हे तो काहाणी शुरु करते हे तो चलो एक शहर मे शुभम नाम का लडका खाना बनाने के स्पर्धा मे जा रहा था ...

    चाय की खुशबू
    by Anita Sinha

    चाय की खुशबू से ही चाय के जायके का पता लग जाता है। सुबह होते ही चाय की तलब महसूस होती है। आलस आती है थोड़ी देर बाद बनाऊंगी ...

    चुनिंदा लघुकथाएँ - भाग 2 - 4 - अंतिम भाग
    by Lajpat Rai Garg

    16 निरुत्तर सात-आठ वर्षीय सुमी अपनी मम्मी संग गर्मियों की छुट्टियों में अपनी ननिहाल आया हुआ था। बीस-बाईस वर्षीय नीतीश बेड पर बैठा टेलीविजन देख रहा था। सुमी बेडरूम ...

    इस बरस के आम
    by Renu Hussain

    चलो शुक्र है पापा घर आ गए, अब उनसे मिलने अस्पताल नहीं जाना होगा.....बहुत कष्ट झेला है वेंटिलेटर पर उन्होंने....उफ्फ...!! सारे शरीर पर इंजेक्शन ही इंजेक्शन.....वैसे वेंटिलेटर से बाहर ...

    रात का खेल चले भाग-३
    by Appa Jaunjat

    हमणे देखा कि कोइ तो बोलता हे मे अवोगा तो चलो देखे क्या होता है एक गाव मे दो पती पत्नी जा रहे थे तबी एक आदमी बोलता हे ...

    एनकाउंटर
    by Satyadeep Trivedi

    सँझवाती का समय है। बाज़ार में घुसने से पहले एक मोड़ पड़ता है, उस मोड़ पर पैंतालीस-छियालीस साल की एक औरत; एक टोकरी में तरकारी बेच रही है। औरत ...

    जब ही मेट मौसी
    by S Sinha

                                               कहानी - जब ही   मेट  मौसी    प्रकृति की लीला भी कभी समझ से परे होती है . एक ही माँ के गर्भ से एक ही समय ...

    चुनिंदा लघुकथाएँ - भाग 2 - 3
    by Lajpat Rai Garg

    11 " काम भला, परिणाम...? "   रमणीक अपनी कार से पटियाला जाने के लिये घर से निकला। हाईवे पर थोड़ी दूर ही गया था कि सामने कई गाड़ियाँ ...

    लव या अरेंज्ड
    by Aditi Jain

    "सिएस्ता की बीच", यहीं तो आना चाहता था वो हमेशा से। कितना ख़ूबसूरत नज़ारा, साफ़ पानी, सफ़ेद रेत, अपनी मस्ती में मगन लोग। चारों ओर खुशियाँ ही खुशियाँ, और ...

    जिंदगी से मुलाकात - भाग 12
    by R.J. Artan

    एक अरसे बाद जब कोई उम्मीद नहीं बचती है, तो बचती है वो रहा जिस पर हम चल रहे हैं।मिलता तो कुछ नहीं बस मंजिल पर पहुंचने पर भटकने ...

    बालू और पत्थर
    by Anita Sinha

         बालू और पत्थर जब भी हम बालू और पत्थर के विषयों पर गौर करते हैं तो देखते हैं कि बालू और पत्थर ना मिले तो जमता नहीं है। ...

    रात का खेल चले भाग-२
    by Appa Jaunjat

    तो काहाणी शुरु करते हे हमणे पिछले अध्याय मैं देखा कि राणी कि आत्मा बोलती हे राम आजावो तब राम बोलता हे मे आवोगा तो चलो काहाणी शुरु करते ...

    छोटी कहानियां
    by नवीन एकाकी

    दो जिस्म एक जानचाचा जलेबी खानी है... तो खा ले बेटा... पर मेरे पास आज पैसे नही तो कल दे देना... हम्म्म्म...ठीक है चाचा, कल पैसे दे दूंगी।  ठीक ...