Free Hindi Poem Quotes by SHAMIM MERCHANT | 111755970

मंज़िल

जबसे इन आँखों ने एक ख्वाब देखा है,
तब से ये दिल बेचैन रहता है।
नई उमंग, नई ख्वाहिशें जागी है,
ज़िन्दगी

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