Free Hindi Shayri Quotes by Urmeev Sarvaiya | 111743380

जहर पिलाया जूठे प्रेम का, क्यों तूने मीठा दर्द दिया;
उर्म’ रुलाके मरहम का नाटक फिर भी अच्छा कर लिया :

-Urmeev Sarvaiya

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