Free Hindi Shayri Quotes by Hari alhat | 111708689

गुज़र रही है ज़िन्दगी
ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो जाते हैं,
ज़रा से ज़ुकाम से.

तमाम क़ायनात में
"एक क़ातिल

read more

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories