Hindi Shayri by Narendra Parmar : 111617822

कभी कभी में निशब्द हों जाता हूं

तुम सामने होते हुए भी ?

में कूच नहीं बोल पाता हूं ।।

नरेन्द्र परमार " तन

read more

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories