Hindi Poem by Sarita Sharma : 111609289

कुछ मिट्टी तेरे आँगन की,
एक चाक मेरे घर का..
चल मिलकर बनाते हैं,
एक दिया प्रेम का,
फिर प्रेम प्रकाशित होगा जग म

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shekhar kharadi Idariya 2 month ago

अति सुंदर..

Marshall 2 month ago

दुनिया भर की याद मैं हमें न भुला देना….. आए जब याद हमारी थोड़ा सा मुस्कुरा देना….. जरूर मिलेंगे हम अगर जिंदा रहें….. याद मैं हमारी दिवाली का एक “दिया” जला देना चलो आज हम दीप जलाएं"" "" "" "" SARITA

મોહનભાઈ આનંદ 2 month ago

શુભ દિપાવલી 🙏🙏

Sarita Sharma 2 month ago

धन्यवाद..🙏..

रमेश पाली 2 month ago

हार्दिक शुभकामनाएं

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