Hindi Shayri by ए- हुस्न - की - राजकुमारी : 111605430

ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी जहाँ से सफ़र शुरू किया था,
आज वही पहूंच गए...
बेटियों को तो दामाद ले गए...
और बेटों को बहू ले ग

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Mohit 2 month ago

Wah.. Kabile tariff..

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