Hindi Shayri by Sarita Sharma : 111604515

अब नहीं होता इंतज़ार क़यामत का रोज़ रोज़..
किसी रोज़ क़यामत को गले लगाने को जी चाहता है..
यूँ धुंआं बन हवाओं में उड़ जाने क

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Marshall 3 month ago

Sunaa thaa zindagi imtehan leti hai Par yahan to imtehano ne zindagi le Lee.......

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