Hindi Shayri by Dinkal

सूखी पड़ी है दिल की ये ज़मीन,
जाने कहां गुम हो गई है नमी,
बंजर इस ज़मीन पे उम्मीद है तेरी बारिशें,
भीग जाएं फ़ि

read more

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories