Hindi Shayri by Tara Gupta : 111581172

थकी हुई बोझिल पलकों में
घिर आई पतझड़ की शाम,
शीश छुपा मेरे आंचल में सूनापन
लेता विश्राम

-Tara Gupta

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories