Free Hindi Shayri Quotes by Neha Kariya | 111580112

ना अपनों के लिए वक्त है,
ना सपनों के लिए तक है,
देखो केसै गुम यहां हर शक्श है !

भाग रहे न जाने कैसी सोहरत के पीछ

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shekhar kharadi Idriya 1 year ago

बोहोत खूब

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