Hindi Poem by વિનોદ. મો. સોલંકી .વ્યોમ.

जीसकी चुड़ीयां कभी खनकती थी,
वो चुड़ीयां आज तुट गई;

जो हरपल चिड़िया सी चहेक ती थी,
वो आज खामोश हो गई;

जी

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सत्य वचन

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