Hindi Poem by Bhupendra Dongriyal : 111566400

शंखनाद हृदय से हुआ जब,
गूँज उठा था मन मन्दिर।
मैं भी झूमा प्रभु प्रभु में,
आज बना था तन मन्दिर।।

read more

shekhar kharadi Idariya 2 month ago

अत्यंत सुंदर

View More   Hindi Poem | Hindi Stories