Hindi Poem by Vinod

जागो, देखो सुबह हो गई,
अब रैन कहाँ जो सोता है;

कर कर्म अब वक्त हो गया,
काम ना करे वो खोता है;

वक्त निकल गया

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Vinod 6 month ago

धन्यवाद 🙏

Vinod 6 month ago

धन्यवाद 🙏

Vinod 6 month ago

धन्यवाद 🙏

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