Hindi Thought by Mayank Joshi

तेरा भाग्य, तेरे कर्म का दर्पन हे, जो की बदलता ज़रूर है, लाख कोशिश करो इसे छुपाने की, कभी ना कभी ये ज़लखता ज़रूर हे।

read more

View More   Hindi Thought | Hindi Stories