Hindi Poem by Mohit Trendster

बहरी दुनिया

शायद मेरी आह तुझे अखरने लगी ...
तभी अपनी रफ़्तार का बहाना बना मुझे अनसुना कर गयी ...
मेरा शौक नहीं अ

read more

View More   Hindi Poem | Hindi Stories