Hindi Shayri by Rakesh Panday : 111327087

*समस्या आने पर न्याय नहीं*
*समाधान होना चाहिये,*
*क्यों कि न्याय में*
*एक के घर दीप जलते है,*
*और दूसरे के घर अँधे

read more

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories