Hindi Shayri by Deepak Tokalwad : 111324452

पढे तो हम बहोत है,
पर कहाँ अपने पैरों पर खडे है।
पढने की शीद्दत पर ऐसा
गुमान कीए की ,
हम अब खडे खडे सडे
है। read more