Gujarati Microfiction by Bansari Rathod : 111312244

--दहलीज़--
आज वो फुट फुट कर रो रही थी,उस दुनिया मे वापसी के लिए जिस दुनिया को उसने छोड़ा किसी छलावे के लिए।पर अब वो वहाँ

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Bansari Rathod 1 year ago

Yes but fact...🙏👍

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