Hindi Shayri by alpprashant : 111292664

बार बार तुझसे हुआ है गुनाह
में नहीं खुद तेरी याद है गवाह

©"अल्प" प्रशांत
Prashant Panchal
२१.११.२०१९

read more

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories