Hindi Poem by Pranjali Awasthi : 111275612

हवा बेशर्म हुई
तेरी कमीज से लिपट कर
पगली झूम लेती है
बादलों के बीच ढूँढ़ कर इक चेहरा
समझ तेरी पलकें ; चूम ले

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Devesh Sony 1 year ago

Aha... Kya baat.. ???

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