Hindi Poem by Pranjali Awasthi : 111275590

कुछ वादे अधूरे हैं
कुछ कसमें बाकी हैं
जानती हूँ कि
तुम मिलोगे मुझे
हर जन्म में
एक अधूरी ख्वाहिश की तरह read more

Devesh Sony 1 year ago

वाहह... क्या ब्बात... ?