Hindi Thought by Shreyas Apoorv Narain : 111235036

भर सकता था झोली में जितना,उतना प्यार लाया हूँ।

मैं छोटी मौसी के घर से,बड़ी मौसी के अचार लाया हूँ।

'मस्त' मैकश

View More   Hindi Thought | Hindi Stories