Hindi Poem by suresh kulkarni

जलन !

युं हि चल रहे थे ,
एकेले ही जल रहे थे |
सोचाथा कोई हमराह मिलेगा ,
हमराज उसे बना लेंगे |
एक हमसफर मिला भ

read more

View More   Hindi Poem | Hindi Stories